
जिला सिवनी के छपारा विकासखंड के ग्राम बिहिरिया प्रतापगढ़ से आई यह खबर पूरे क्षेत्र को गमगीन कर गई है।
पट प्रतियोगिताओं के बेताज बादशाह “डुंगरिया किंग” ने 22 अप्रैल की रात करीब 11 बजे अंतिम सांस ली।
पिछले 10 वर्षों से डुंगरिया किंग ने अपनी जबरदस्त ताकत, रफ्तार और शानदार प्रदर्शन से हर प्रतियोगिता में अपना दबदबा कायम रखा। वह सिर्फ एक बैल नहीं, बल्कि एक पहचान बन चुका था—जिसका नाम सुनते ही मैदान में अलग ही जोश देखने को मिलता था।
उन्हें “अखंड हिंद केसरी” और “एमपी किंग” जैसे प्रतिष्ठित खिताबों से सम्मानित किया गया था, जो उनकी असाधारण क्षमता और जीत के सफर को दर्शाते हैं।
डुंगरिया किंग अपने मालिक आजिम पटेल साहब के लिए परिवार का हिस्सा था, वहीं पूरे क्षेत्र के लिए गर्व और सम्मान का प्रतीक बन चुका था। उसकी अचानक तबीयत बिगड़ने से हुई मृत्यु ने सभी को स्तब्ध कर दिया।
ग्राम बिहिरिया में नम आंखों के साथ उसे अंतिम विदाई दी गई, जहां बड़ी संख्या में ग्रामीण और प्रशंसक मौजूद रहे। माहौल भावुक था—हर किसी की आंखों में एक ही सवाल था, अब वो रौनक कौन लौटाएगा?
लोग कहते हैं—ऐसा बैल दशक में एक बार ही जन्म लेता है…
और डुंगरिया किंग की कमी हमेशा महसूस की जाएगी।












